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अपनी आध्यात्मिक अवस्था को कैसे जाने
प्रत्येक साधक की कुछ दिन ध्यान साधना करने के बाद यह जानने की इच्छा हो…
यह आत्मा चैतन्य  है
मुक्त है। असीम है।सभी में व्याप्त है। आत्मा को किसी भी बंधन में बांधा…
 आध्यात्म ज्ञान
अध्यात्म ज्ञान धारण करने का तत्व है हम जितना अध्यात्म को धारण करते जा…
वास्तविक स्वरूप
मनुष्य का वास्तविक स्वरूप उसकी आत्मा है। किन्तु मन को ही अपना स्वरूप …
कर्म  और प्रतिकर्म🌹
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हम किसे कर्म समझते हैं? हम प्रतिकर्म को कर्म समझे हुए हैं, रिएक्शन …
 स्थिर अवस्था चित्त की
दो विचारो के मध्य जो अवकाश है। वह अवकाश ही उपयोगी है। वही स्थिर अवस्थ…
कुंडलिनी जागरण के सातों  चक्र द्वारा स्वयं को खोजना
कुंडलिनी जागरण के सात ऊर्जा चक्र...... सम्पूर्ण जान कारी..विषय बहुत ल…
-पुरुष की अपेक्षा स्त्री क्यों अधिक सुन्दर, सुडौल और आकर्षक होती है ?
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स्वयंकीओर
*एकांत, मौन और ध्यान—समाधि के उपाय हैं। ये तीन चरण हैं।*
_अपने को अकेल…